केजरीवाल जी के समक्ष ऐसी किसी भी प्रकार की विषम परिस्थितयां नही थी ,जो उन्हें इस्तीफा देने पर मजबूर करती हो | उन्होंने स्वयं इसकी भूमिका तैयार की और इस्तीफा देकर सरकार गिरा दी | उन्होंनें दिल्ली की जनता की सेवा का सु-अवसर गंवा दिया |
उन्होंने मीडिया व जनता को स्वयं कहा –जनता की मांग बहुत छोटी-छोटी है और ये सरकारे उन्हें भी पुरा नही कर सकती | क्या दिल्ली प्रदेश का मुख्यमंत्री भी उन मांगो को पुरा नही कर सका ? या तो स्वयं उनकी पार्टी में या उनकी सरकार की कैबिनेट में ही उन्हें कोई दिक्कत आई होगी, सरकार चलाने में; या फिर वह कुछ ज्यादा ही महत्वाकांक्षी हो गए; या उनके आस-पास अति महत्वाकांक्षी लोगो का जमावड़ा हो गया है | असलियत जनता के सामने देर-सबेर आ ही जाएगी | आज आम आदमी ही सबसे ज्यादा व्यथित हुआ है क्योंकि आज जो कुछ भी हो रहा सब उसका ही नाम लेकर हो रहा है |
आप कितनी ही बडी महत्वकांक्षा रखिए,कितनी ही बडी पार्टी बनाइए ,कितना ही धन इकट्ठा करिए हमें कोई एतराज नही | आप जानो आपका काम ; पर ये सब गरीब आम-आदमी की नाम पर तो मत करिए | मै भी आम-आदमी हूँ, तकलीफ होती हैं |
उन्होंने मीडिया व जनता को स्वयं कहा –जनता की मांग बहुत छोटी-छोटी है और ये सरकारे उन्हें भी पुरा नही कर सकती | क्या दिल्ली प्रदेश का मुख्यमंत्री भी उन मांगो को पुरा नही कर सका ? या तो स्वयं उनकी पार्टी में या उनकी सरकार की कैबिनेट में ही उन्हें कोई दिक्कत आई होगी, सरकार चलाने में; या फिर वह कुछ ज्यादा ही महत्वाकांक्षी हो गए; या उनके आस-पास अति महत्वाकांक्षी लोगो का जमावड़ा हो गया है | असलियत जनता के सामने देर-सबेर आ ही जाएगी | आज आम आदमी ही सबसे ज्यादा व्यथित हुआ है क्योंकि आज जो कुछ भी हो रहा सब उसका ही नाम लेकर हो रहा है |
आप कितनी ही बडी महत्वकांक्षा रखिए,कितनी ही बडी पार्टी बनाइए ,कितना ही धन इकट्ठा करिए हमें कोई एतराज नही | आप जानो आपका काम ; पर ये सब गरीब आम-आदमी की नाम पर तो मत करिए | मै भी आम-आदमी हूँ, तकलीफ होती हैं |

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