पश्चिमीदेशीय लोगों ! तुम्हारी जो इच्छा हों
कह डालो – अभी यह तुम लोगों का समय है | आओ बच्चो ! जो कुछ बकना हों, बक डालो |
हमने यथेष्ट अभिज्ञता प्राप्त कर ली है और इसलिए हम चुप है | आज तुम लोगों के पास धन
है, और इसलिए तुम लोग हमारी ओर तिरिस्कार की दृष्टि से देखते हों | अच्छा, यह
तुम्हारा समय है, बच्चो ! जितना बकना हों, बक लो – यही हिन्दुओ का मनोभाव है |
~ स्वामी विवेकानंद
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