दिग्विजय की दुल्हनियां बनेगी टीवी एंकर अम्रता राय , टि्वटर पर किया ऐलान - आज तक
क्या यही कारण तो नही पश्चिमदेशीय संस्कृति को पालने का ? इस जड़वादी भोग-विलास प्रधान संस्कृति के दुष्परिणाम निरंतर हमारे सामने आ रहें है ,जिसे कई तरह के कुतर्क देकर हम पर लादा जाता हैं |
ऐसे परिणाम तो रोज ही खबर बनते जाएगे | इन भटके रहनुमाओं को कौन रास्ता दिखाएगा जो दशानन बन गये हैं | उस पर भी अपने -आप को, समाज में उच्च स्थान पर विराजमान देखना | ऊपर से यह कहना देखो मैने स्वीकार कर लिया है, हूँ न हिम्मत वाला |
बात क्या इतनी सी है? ; प्रथम तो आप सावर्जनिक जीवन में है, यहाँ आपका व्यक्तित्व अनेको से जुड़ा है | दूसरा आप उस पार्टी से सम्बन्धित रहें है जिसने इस देश पर लम्बे समय तक शासन किया है और आप शासन के दौरान महत्वपूर्ण पदों पर भी रहें है | क्या आपने जो किया है वह प्रणय की परिभाषा में आ सकता है ? फिर पाप किसे कहेगे ? सुनने में आया है, लड़की अपने बचपन में आप की गोद में खेल कर बड़ी हुई है |

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