भारत जैसे विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश को
जिस प्रकार एक परिवार ने अपना बंधक बना रखा है ,ऐसी मिशाल दुनिया में अन्यत्र ही
कही मिले | इस परिवार ने अंग्रेजो की “फुट डालो राज़ करो “ की नीति को ही नहीं
अपनाया वरन वह सभी हथकंडे अपनाये जो
अंग्रेजो ने हिन्दुस्थान पर अपना राज़ कायम करने के लिये अपनाये थे | उनके इस कृत्य
को आगे बढ़ाने के लिये वही लोग सहभागी होते है, जो उनसे बढ़ा लाभ पाते है |
इस परिवार की आखिरी पीढ़ी भी न तो भारतीय
संस्कृति से कोई लगाव रखती है और न ही भारत के गौरवशाली इतिहास से | ये लोग भारतीय
प्रतीकों पर निरंतर प्रहार करते है और भारत के महापुरुषों पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करते है | ये लोग माता सीता पर तो सवाल खड़े करते
है परन्तु अपनी माँ से कभी यह नहीं पूछते के विवाह के उपरांत भी एक लंबे समय तक
उन्होंने भारत की नागरिकता क्यों नहीं ग्रहण की? आज उस परिवार के अंतिम वारीस
राहुल ने श्री गुरूजी पर सवाल उठाये, मै उसका जवाब देना भी उचित नहीं समझता क्योंकि
वह उस महापुरुष के चरणों की धुल के समान भी नहीं है |
इन लोगों को झूठ बोलना घुटी में पिलाया गया है
और इनका जन्म ही कुसंस्कारों के मध्य हुआ है | इसका एक उदाहरण ये है कि, ये लोग
अपनी विपक्षी पार्टी के लिये कहते है के इनके यहाँ बुजुर्गो का सम्मान नहीं होता,
जिसे यह कभी सिद्ध नहीं करते | इसके उत्तर में कहना चाहूंगा के अपमान तो आपने
स्वयं श्री मनमोहन सिंह जी व उनकी कैबिनेट का किया जो पुरे देश ने देखा था | मनमोहन
सिंह जी बुजुर्ग ही नहीं भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री भी है | राहुल ने भारत के
प्रधानमंत्री पद पर आसन मनमोहन सिंह जी का पुरे देश के समक्ष अपमान किया | वह भी उस
समय जब वह विदेशी दौरे पर थे | ये लोग उस त्याग का भी सम्मान नहीं करते जो अपने
वंश को बढ़ाने से ज्यादा देश के लिये अपना जीवन समर्पित करता है | ये लोग उसकी भी
भर्तस्ना यह कह कर करते है, जो अपनी नारी का सम्मान नहीं कर सका वह ओरों का क्या
सम्मान करेगा | इसी प्रकार अनेक तरह के प्रपंचो का जाल ये लोग फैलाते रहते है |
इन लोग ने इस देश को राजनीतिक रूप से बंधक रख
कर जो-जो कुकर्म किये, उसका जवाब इनके पास कुछ नहीं | इसलिए वोट पाने के लिये निरंतर
गुमराह करने वाले बयान दिए जाते है या फिर भावनात्मक अपील जारी कर जनता को बरगलाया
जाता है |
